सारांश
भारतीय ज्ञान परंपरा एक व्यापक तथा समृद्ध परंपरा है, जो वेदों, उपनिषदों, महाकाव्यों, शास्त्रों और लोक साहित्य के माध्यम से विकसित हुई है। समाज को नैतिक, सांस्तक और बौद्धिक रूप से समृद्ध करने में भी भारतीय ज्ञान परंपरा सहायक रही है। इस ज्ञान परंपरा को संत साहित्य ने जनसामान्य तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाया। कबीर, तुलसीदास, मीराबाई, रैदास, गुरु नानक, नामदेव, जैसे महान संतों ने लोकभाषा में अपनी रचनाएँ लिखे, जिससे ज्ञान केवल विद्वानों तक सीमित न रहकर साधारण जनमानस तक पहुंचा दिया। संत साहित्य ने न केवल आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ाई अपितु सामाजिक और बौद्धिक शांति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बीजक शब्द : राजनैतिक, सामाजिक, दार्शनिक, संत महात्मा, साहित्य।
